Threads of time...

Tuesday, August 26, 2008

दोस्त

कुछ दोस्तों ने दोस्ती के नए आयाम सिखा दिए...
दोस्त बोला हमको और दुश्मनों से गिले शिकवे किए..
न मिली कभी फुर्सत उन्हें की मुर्ड कर हाल भी पुच लेते..
और हम युहीं बेखुदी में उनकी यादें ताज़ा किए
वोह दोस्त थे हमारे जिनको हम खुदा समझा किए
जब निकला जनाजा हमारा तो सब तमाशा देखा किए।

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posted by Nomade at 10:43 PM

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