Threads of time...

Wednesday, February 13, 2008

आपकी तस्वीर

आँखों में गहराई चमक
होठों पे मधुर मुस्कान
चेहरे पर छाई लालिमा
और मुझसे बतियाती
आपकी तस्वीर

मंत्रमुग्ध सुनती हुई
हजारों अल्फाजों
में शहद घोलती
बिना तकरार
करे इकरार

नही घाव लगाती है
न झूत्त्लाती है
आपसे ज्यादा अपनापन
आपकी तस्वीर दिखलाती है !!

Labels:

posted by Nomade at 3:16 AM

1 Comments:

nice and delicate !!!

February 13, 2008 at 3:42 PM  

Post a Comment

<< Home