Threads of time...
Tuesday, August 26, 2008
प्यारा दोस्त
और दोस्ताना हो सबसे न्यारा
दिल से हो दिल को सहारा
तो क्युओं न हो इंतज़ार तुम्हारा
प्यार का है अटूट बंधन हमारा
तुम हो आसमान का सबसे सुंदर तारा
कुछ तो है इन् शोख आंखों में
कुछ तो यह लब कहे जातें हैं
न हमारी आँखें बंद होती हैं
और न ही वो सो पाते हैं
ख्यालों की दुनिया से जब वोह
सितारों की तरह मुस्कुराते हैं
यकीन माने दिल क्या
बस जान लिए जाते हैं
Labels: एक चमकता सितारा